यू.पी.: शादी का था दबाव, लेकिन हठ थी UPSC, तो छोड़ आयी घर और हर रोज 22 घंटे तक की पढ़ाई कर बनीं अधिकारी

जब जुनून किसी भी इंसान की हठ बन जाए तो कोई भी चुनौती हो इंसान पार कर ही लेता है| ऐसे ही कहानी है मेरठ की संजू रानी की जिनके ऊपर घरवालों ने शादी का बहुत दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने भी ठान ली थी की मुझे UPSC पास करना है, अपने सपने के लिए उन्होंने घर छोड़ दिया और 22 घंटे रोज़ पढाई की, यही उनका जूनून था की बहुत संघर्षों के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और आज संजू एक अधिकारी हैं|

पिता कराना चाहते थे जबरन शादी, पर UPSC था सपना तो छोड़ आयी घर

संजू यूपी के मेरठ में एक साधारण परिवार में पैदा हुईं थी, जो बेटियों की पढाई को बहुत ज़्यादा महत्व नहीं देते हैं| यह सबसे बड़ा कारण था की संजू के लिए रास्ते इतने कठिन थे| लेकिन वो अपने जूनून की पक्की थी इसीलिए उन्हें घरबार छोड़ना पड़ा, ट्यूशन पढ़ाना पड़ा तब जाकर यूपीपीएससी (UPPSC) में उन्हें सफलता मिली, और आज संजू यूपी में कॉमर्शिल टैक्स ऑफिसर के रूप में काम कर रही है|

एक ऐसी जगह जन्मी जहां लड़कियों को उतना ही पढ़ने दिया जाता था, जितने में शादी हो जाए, संजू के लिए यह सफर बहुत मुश्किल था| इसके लिए उन्हें पिता से बिकुल सपोर्ट नहीं मिला, लेकिन संजू को उनकी मां ने पूरा सपोर्ट किया, और पति से विरोध करने के बाद भी मां ने संजू को ग्रेजुएशन में दाखिला दिलाया। ग्रेजुएशन के बाद संजू दिल्ली पढ़ाई के लिए आ गईं, लेकिन भाग्य संजू के साथ नहीं था।

संजू का सफर था कठिनाइयों भरा, पर दृढ़ संकल्प ने दिलाई सफलता

पहले तो उनकी बड़ी बहन के पति चल बसे और फिर संजू का सबसे बड़ा सहारा, उनकी माँ भी चल बसी। संजू को उनके पिता ने दिल्ली से मेरठ बुला लिया। आईएएस (IAS) बनने का सपना देख रही संजू के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं था। पढ़ाई के विरोध में शुरू से ही रहने वाले पिता ने संजू की शादी करने का फैसला कर लिया।

संजू ने बहुत इंकार किया लेकिन उनपर दबाव बनाया गया| घर में रोज-रोज के झगड़ों से तंग आ चुकी संजू ने घर छोड़ने का फैसला कर लिया। पर यह इतना आसान नहीं था| अब संजू के पास रूपये नहीं थे, और उनकी ज़िम्मेदारियाँ बहुत थी| विधवा भें और दूसरी मानसिक रूप से बीमार भें की ज़िम्मेदारी भी संजू पर आ गयी| खर्चे के लिए संजू ने पढ़ाना शुरू कर दिया। साथ ही तैयारी करती रही।

लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही रही| संजू स्कूल छोड़ यूपीएससी की तैयारी में जुट गई। एक समय ऐसा भी आया जब वो 22-22 घंटे की पढ़ाई करने लगीं, लेकिन किस्मत साथ नहीं दे रही थी। एक साथी की सलाह पर संजू ने यूपीपीएससी (UPPSC) का फॉर्म भर दिया। और यहां उन्हें सफलता मिल गई। आज संजू यूपी में कॉमर्शिल टैक्स ऑफिसर के रूप में काम कर रही हैं। पर जैसे की आईएएस उनका जूनून है, तो वो आज भी उसकी तैयारी में साथ साथ जुटी हैं|

Leave a comment

Your email address will not be published.