तमिलनाडु के विलेज कुकिंग चैनल के 1 करोड़ YouTube सब्सक्राइबर हुए, रचा इतिहास

पुदुक्कोट्टई जिले के एक छोटे से गाँव चिन्ना वीरमंगलम के YouTubers ने अपने पारंपरिक खाना पकाने के वीडियो के कारण पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने हाल ही में YouTube पर 1 करोड़ सब्सक्राइबर्स भी बना लिए हैं |

जानिए तमिलनाडु के इन किसानों का You Tube सितारे बनने का सफर

एल्लारम वंगा, हमेशा आपका स्वागत करता है!” विलेज कुकिंग चैनल की यह लाइन पिछले तीन वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई है। तमिलनाडु के किसान से YouTube सितारों ने एक करोड़ (10 मिलियन) सब्सक्राइबर्स बनाने वाला तमिलनाडु का पहला चैनल बनकर इतिहास रच दिया है।

पुदुक्कोट्टई जिले के एक छोटे से गाँव चिन्ना वीरमंगलम के YouTubers ने अपने पारंपरिक खाना पकाने के वीडियो के कारण पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता हासिल की। चुनाव प्रचार के दौरान, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उनसे मिलने गए, जिससे उनकी लोकप्रियता में वृद्धि हुई। टीम ने कहा था कि पहले उनके पास प्रति सप्ताह लगभग 10,000 सब्सक्राइबर्स जुड़ते थे, लेकिन राहुल गांधी की यात्रा के बाद, यह संख्या 10,000 से बढ़कर लगभग 30,000 से 40,000 सब्सक्राइबर्स प्रति सप्ताह हो गई। राहुल गांधी की विशेषता वाले वीडियो को 26 मिलियन बार देखा गया है।

कैसे हुआ तमिलनाडु के इन किसानों का किसान से सितारे बनने का सफर शुरू

चैनल के सदस्य जिनमें वी सुब्रमण्यन, वी मुरुगेसन, वी अय्यनार, जी तमिलसेल्वन और टी मुथुमनिकम शामिल हैं, का नेतृत्व उनके दादा एम पेरियाथांबी ने किया, जो एक पूर्व कैटरर थे। अपने डायमंड प्ले बटन अनबॉक्सिंग वीडियो के दौरान, टीम ने कहा कि वे उस समय YouTube वीडियो बनाने में लगे थे जब उनके पास करने के लिए कोई खेती नहीं थी। सुब्रमण्यम ने कहा, “हमारे पास छह महीने के लिए कृषि कार्य है और बाकी समय हमारे पास करने के लिए बहुत कुछ नहीं है। तभी हमने चैनल शुरू करने का फैसला किया।”

YouTube व्यू के विज्ञापन से होने वाली आय से टीम हर महीने लगभग 7 लाख रुपये कमाती है। हाल ही में टीम ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से भी मुलाकात की थी और COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में सहायता के लिए मुख्यमंत्री जन राहत कोष (CMPRF) को 10 लाख रुपये का चेक सौंपा था।

टीम ने कहा, “हमने कई YouTubers के वीडियो देखे हैं, जिनके नाम के साथ बटन खुदे हुए हैं। वे अलग-अलग भाषाओं में बोलते हैं, लेकिन तमिल में कभी नहीं। हमें इस मान्यता पर गर्व है, और हम इसके लिए तमिल लोगों को धन्यवाद देते हैं|”

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