पुणे के दो भाइयो ने छोड़ी मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी और शुरू की फ़ूड फॉरेस्ट मॉडल पर फार्मिंग, अब साल में 12 करोड़ का है टर्नओवर

यह कहानी है महाराष्ट्र के पुणे जिले में रहने वाले दो भाइयो की जिन्होंने फ़ूड फॉरेस्ट मॉडल पर फार्मिंग शुरू करने के लिए मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ दी| और आज उनकी लगन और परिश्रम के कारण वे साल में 12 करोड़ का टर्नओवर कर रहे हैं |

मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ शुरू की फ़ूड फॉरेस्ट मॉडल पर फार्मिंग, अब सालाना 12 करोड़ का है टर्नओवर

कहानी दो भाई सत्यजीत और अजिंक्य की है, जो एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे | दोनों भाइयों ने MBA की पढ़ाई पूरी कर अलग अलग कंपनियों में दस साल काम किया और उन दोनों की पोजीशन और सैलरी भी काफी अच्छी थी| लेकिन एक बार जब ये अपने गांव आये तो वही के होकर रहे गए और वह इन्होने फ़ूड फॉरेस्ट मॉडल पर फार्मिंग का काम शुरू किया और आज 12 करोड़ के टर्नओवर के साथ इन्होने 100 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार भी दिया है और इनके बनाये हुए प्रोडक्ट्स भारत के साथ अमेरिका, अफ्रीका, ब्रिटेन, और भी कई देशों में उपलब्ध हैं|

अजिंक्य ने बताया की उनके पिताजी एक किसान थे और उनकी इस रोज़गार से ज़्यादा आमदनी नहीं हो पति थी इसीलिए वे चाहते थे की उनके दोनों बेटे खूब मन लगाकर पढ़ें और तरक्की करें| उनके पिताजी ने दोनों भाइयों का दाखिला बोर्डिंग स्कूल में भी करवा दिया था जिससे वे दोनों भाई गांव और खेतों से बिलकुल कट गए, और फिर जब दोनों भाइयों की नौकरी लगी तो वे शहर में ही बस गए और वही रहकर एक के बाद एक कंपनियां बदलते रहे |

पहले खेती सीखी-समझी, फिर नौकरी छोड़ फ़ूड फॉरेस्ट मॉडल पर फार्मिंग का काम शुरू किया

एक बार जब अजिंक्य गांव आये तो वह के किसानों से मिले और खेतों के बारे में जाना| फिर वे उनसे कनेक्ट करने लगे, फिर जब भी कभी मौका मिलता तो वे गांव आते और खेती के बारे में सीख कर जाते, ऐसा ही दो साल तक चलता रहा| साल 2012-13 में अजिंक्य ने अपने परिवार से बात कर नौकरी छोड़ दी और परिवार सहित गांव आ गए| अपने गांव आने के बाद उन्होंने खेतों को फसल की उपज के लिए तैयार किया और फ़ूड फॉरेस्ट के कांसेप्ट पर काम शुरू किया| बाद में उनके भाई सत्यजीत भी उनसे जुड़ गए|

दोनों भाइयों ने जब शुरुआत की तो उनकी उपज तो अच्छी थी लेकिन उस हिसाब से उनको दाम नहीं मिला| यह सब करीब तीन चार साल चला| लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मार्केटिंग का तरीका बदला| इस बार उन्होंने लोकल सब्ज़ी बेचने वालों के संपर्क किया और उनके ज़रिये अपने प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग की | इससे उनको काफी अच्छा रिस्पांस मिला और वे पर्सनली भी कस्टमर्स से जुड़ने लगे |

आगे चलकर उन्होंने सोशल मीडिया की हेल्प ली और twobrothersindiashop.com नाम से खुद की वेबसाइट बनाई। अभी अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भी वे अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर रहे हैं। उनके कई कूरियर कंपनियों के साथ भी टाइअप किया है, जिसके माध्यम से वे भारत के साथ साथअमेरिका, अफ्रीका, ब्रिटेन सहित कई देशों में अपने प्रोडक्ट भेज रहे हैं।

फिलहाल दोनों भाई मिलकर 30 एकड़ जमीन पर खेती कर रहे हैं और उन्होंने अपनी जमीन को अलग-अलग हिस्से में बांट रखा है। 8 एकड़ जमीन पर उन्होंने फूड फॉरेस्ट लगाया है और बाकी की जमीन पर तालाब और गायों को रखने के लिए घर बनवाया है। अभी उनके पास 100 से ज्यादा गायें हैं। ये सभी देसी और अच्छी नस्ल की गायें हैं|

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