यू.पी. : अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के लिए मुसीबत की घड़ी, यूपी पुलिस ने आवास पर जाकर दिया नोटिस

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनकी मां सुनंदा के खिलाफ लखनऊ में दर्ज दो प्राथमिकी के संबंध में एक नोटिस सौंपा। शिल्पा शेट्टी-राज कुंद्रा परिवार के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि मुंबई पुलिस की एक टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ बुधवार को उनके जुहू स्थित बंगले का दौरा किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कथित धोखाधड़ी मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनकी मां सुनंदा शेट्टी के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज और विभूतिखंड पुलिस थानों में दर्ज दो प्राथमिकी के संबंध में एक नोटिस सौंपा।

लखनऊ में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में यूपी पुलिस ने शिल्पा शेट्टी के आवास पर दिया नोटिस

जानकारी के अनुसार, धोखाधड़ी का मामला फिटनेस श्रृंखला से संबंधित है, जिसे ‘आयोसिस वेलनेस सेंटर’ नाम से जाना जाता है, जिसे कथित तौर पर शिल्पा शेट्टी और उनकी मां सुनंदा द्वारा चलाया जाता है। शिल्पा, अध्यक्ष और निदेशक सुनंदा ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से उक्त फिटनेस श्रृंखला की एक शाखा खोलने के नाम पर भुगतान लिया। हालांकि, मां-बेटी की जोड़ी ऐसा करने में विफल रही, जिसके बाद उक्त प्राथमिकी दर्ज की गई।

शिल्पा शेट्टी और उनकी मां पर लखनऊ में धोखाधड़ी का मामला दर्ज

केस में तेज़ी उसी दिन आता है जब मुंबई की सत्र अदालत ने व्यवसायी और बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की। जमानत अर्जी में कुंद्रा ने कहा है कि पुलिस ने जिन सबूतों को जब्त करने का दावा किया है, उनमें ‘अश्लीलता’ नहीं है| बयान का विरोध करते हुए, अदालत के समक्ष पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान जब्त किए गए वीडियो से पता चलता है कि हॉटशॉट्स ऐप पर अपलोड की गई अश्लील सामग्री कुंद्रा की कंपनी से जुड़ी हुई थी। पुलिस ने कुंद्रा की जमानत याचिका का यह कहते हुए विरोध किया है कि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति और ब्रिटिश नागरिक हैं और रिहा होने पर देश छोड़ सकते हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को राज कुंद्रा की ‘अवैध’ गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। इसके अलावा, अदालत ने कहा था कि मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट का आदेश कानून के अनुरूप था और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं थी। अदालत ने कहा था, “उपरोक्त से यह निष्कर्ष निकलेगा कि मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा रिमांड कानून के अनुरूप है और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।”

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