उत्तराखंड : सी.एम. तीरथ सिंह रावत ने गवर्नर को सौंपा इस्तीफा, आज होगी विधायक दल की बैठक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चार महीने से भी कम समय के लिए मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद शुक्रवार की देर रात गवर्नर बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंप दिया | सी.एम. से उम्मीद की जा रही थी की रात 9:30 बजे की गयी प्रेस कांफ्रेंस में भी वह अपने इस्तीफे की बात पर कुछ प्रकाश डालेंगे मगर वह इस मुद्दे पर चुप रहे और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने लगे|

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देर रात गवर्नर को सौंपा इस्तीफा

कल रात बजे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने राजभवन जाकर प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंप दिया | इससे पहले भी दिल्ली में संविधानिक संकट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा था और उसमें अपने इस्तीफे की बात पर चर्चा की थी | बता दें की मुख्यमंत्री को बुधवार को दिल्ली तालाब किये जाने के बाद से ही सियासी कयासबाजी ज़ोरो पर थी| बुधवार रात मुख्यमंत्री की मुलाकात ग्रह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से हुई थी और उन्हें अगले दिन बृहस्पतिवार को देहरादून आने से रोक दिया गया था| मसला मुख्यमंत्री के उपचुनाव का था, जो कोरोना काल के चलते अभी नहीं कराये जा सकते थे | ऐसे में संविधानिक संकट बन रहा था, जिसके चलते मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा|

कौन बनेगा उत्तराखंड का नया सी.एम.?

उत्तराखंड में चुनाव के लिए 7-8 महीने ही शेष बचे हैं| ऐसे में इसी काल के लिए मुख्यमंत्री चुना जायेगा | भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बताया की आज शनिवार, 03 जुलाई 2021 को भाजपा के विधायक दल की बैठक होगी और विधायकों में से ही किसी को मुख्यमंत्री चुना जाएगा।

रावत, जो अभी भी एक सांसद हैं, उनको केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्थान पर मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया था| 10 मार्च को शपथ लेने के बाद उनके पास 10 सितंबर तक विधायक चुने जाने का समय था|

क्या कहा सी.एम. ने इस्तीफे की बात पर?

शुक्रवार देर रात जब सी.एम. को उनके इस्तीफे के बार में पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली, और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने लगे| उन्होंने बताया की हमारी सरकार ने कविड से राहत पर बहुत कार्य किये, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विद्यालयी शिक्षा, संस्कृति एवं सूचना और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में सहायता दी गई है। बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर पर कार्य हुआ, सीधी नियुक्तियों के प्रयास किये गए, और कक्षा 12वीं के छात्रों को निशुल्क किताबें प्रदान करने की योजना बनाई गयी|

बता दें की आज भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विधायकों की बैठक होगी जिसमे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र्र सिंह तोमर बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहेेंगे| विधायकों में से ही किसी को मुख्यमंत्री चुना जायेगा | कुछ सूत्रों के हवाले से पता चला है की पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के सहारे चुनाव जितना बहुत मुश्किल था, ऊपर से अगर वह उप-चुनाव में हार जाते तो परिस्थितियां और विकट हो जाती| इसीलिए उनका इस्तीफा देना ही बेहतर था |

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